एक तिनक इश्क

जब भी तुम मुझे छोड़ कर घर पर अकेला कहीं चली जाती हो ना तो लगभग मैं हर काम संभाल लेता हूं

यार तुम्हारे बिना मैं सब संभाल तो लेता हूं पर यह खाना……. भूख ना मुझे संभलने नहीं देती खाना तो बनाना ही होगा ना थोड़ी देर बाद मैं कॉल करता हूं मुझे कुछ खाने के लिए बना लेने दो

थोड़ी देर बाद फोन की घंटी बजती है


सुनो ना मेरे प्यार का नमक मिलाना ना भूलना

हा हा हा हा जी हां जी मिला लिया है

थोड़ी देर बाद फोन की घंटी फिर से है

अगर मेरी शोखियों का तड़का लगा दो तो स्वाद बढ़ जाए

हा हा हा हा हा हां हां मेरी जान पूरी मसालेदार है

कुछ ही देर बाद सिर्फ फोन बज उठता है

एक बात तो भूल ही गई देखो वही संभाल कर रखा हुआ है उस कटोरे में मेरा चुम्मा है सुनो ना मीठे में वही खा लेना

जानू आई लव यू…... खाना बन गया है ..आओ अपने प्यारे प्यारे शब्दों का कौर बना कर खाना भी मुझे खिला दो


16 views0 comments

Recent Posts

See All

©2019 by Sahitya Kiran.