मां की नानी 

याद है हमको आज भी उनसे सुनी हुई कई कहानी

चांद तारे पशु पक्षी कई जादुगर और जादुगरनी

सब सच हैं होते हैं उम्र गुजरा हमने तब यह जानी

वह मेरी मां की नानी बच्चे कहते थे बुढ़िया नानी

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