मेरे हमसफर 

ना जाने क्यों कैसे रह कर भी सफर में

तनहा कर लिया था जाने किस उल्फ़त में

कहते हैं आदत बड़ी ही बुरी चीज है

तनहाइयां है कि बेईमान कनीज है

©2019 by Sahitya Kiran.