मेरे हमसफर 

ना जाने क्यों कैसे रह कर भी सफर में

तनहा कर लिया था जाने किस उल्फ़त में

कहते हैं आदत बड़ी ही बुरी चीज है

तनहाइयां है कि बेईमान कनीज है

26 views0 comments

Recent Posts

See All

©2019 by Sahitya Kiran.