रे मन सुनो

रे मन सुनो

सुन रहे हो ना

तुम्हें धरती पर चुना गया है ईश्वर के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए क्या तुम्हें कभी ऐसा नहीं लगता कि तुम कुछ खास आत्माओं में से एक हो

सुनो मन तो तुम इस बात से इंकार क्यों करते रहते हो तुम ईश्वर के द्वारा सौंपे गए कार्यों से इंकार क्यों करते रहते हो

रे मन इस बात पर यकीन कर तू ईश्वर की आशीष है इस धरती पर इस बात से इनकार करके जो तुम अपने अंदर की सच्चाई की रोशनी को कुछ नकारात्मक विचारों से दबाने की कोशिश करते हो तुम उससे दूर हो जाओ तुम अपनी उर्जा को पहचानो

रे मन तुम अपनी जिंदगी को जियो ऐसा ना हो कि अपने अंत काल में जब तुम मृत्यु शैया पर हो उस समय तुम्हारी आत्मा तुमसे पूछे कि क्या तुमने भरपूर जिंदगी जी क्या तुमने वैसी जिंदगी जी जैसी जिंदगी तुम्हें जीना था और अगर पीछे मुड़कर तुम देखोगे तो तुम्हें अधूरा महसूस होगा तुम्हें लगेगा कि नहीं तुम्हें बहुत कुछ करना था जो तुम नहीं कर पाए

तो पता है मन क्या होगा तुम फिर से उसी चक्कर में फस जाओगे तुम्हें मुक्ति नहीं मिलेगी तुम बार-बार इस धरती की मोह माया के चक्कर में फंसे ही रह जाओगे

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