विजयी भव

लम्बी छुट्टी के बाद आज रोहन नमिता से पढ़ने आया था।

नमिता - काफी लम्बे समय के बाद आए हो इतनी लम्बी छुट्टी पढ़ाई से लिए हो तो कोई खास बात होगी, सब ठीक तो है?

रोहन- मैं दादी के घर राजस्थान गया हुआ था मेरे बुआ की शादी थी

नमिता - अपनी परीक्षा का तो ख्याल था ना ? अब बस कुछ दिन बच रहे हैं । वहां तो पढ़ाई भूल कर खूब मजे किए हो, है ना ? वह एक बड़ी सी मुस्कान लिए कहती हैं

रोहन थोड़ा झेंप जाता है अपनी कॉपी पर पेन से कुछ आड़ी तिरछी लकीरें खींचता रहता है

नमिता को अंदाजा लग जाता है कि रोहन पढ़ाई से थोड़ा भटक चुका है और उसे पुनः रास्ता तुरंत दिखाना होगा

नमिता ने उसे उसकी कमजोर पाठ से दुहराव करते हुए पुनः शुरु करने का सुझाव दिया। गणित में negative integers and negative Algebra के साथ उसे कुछ तो उलझन रहती है। गणित में अंक ऋणात्मक भी होते हैं और ऋणात्मक अंकों का हिसाब किताब का तरीका भी अलग ही है उन्हीं उलट-फेर में वह अक्सर फंस जाया करता था

रोहन आज फिर अटक गया। एक तो उस पर छुट्टी की खुमारी छाई हुई थी और अब पढ़ाई व परीक्षा को सिर पर देखकर उसका मन असमंजस में था कि क्या करें क्या न करें एक तो नीम और उस पर करेला चढ़ा वाली बात सामने थी । सामने वह पाठ था जिससे उसका अब तक तो छत्तीस का आंकड़ा था । संभवतः यह यारी में बदल जाती अगर वह बीच में ही पंद्रह दिन की दूरी अपने उस पाठ से कायम न करता

नमिता - Rohan you are very positive in your attitudes.( रोहन तुम सदैव सकारात्मक रहते हो )You are a very positive person. (तुम एक सकारात्मक इंसान हो) I appreciate you very much (मैं तुम्हारी बहुत सराहना करती हूं) you always keep yourself away from negative but it is not good for our life.( तुम हमेशा अपने आप को नकारात्मकता से दूर रखने की कोशिश करते हो लेकिन यह असल जिंदगी के लिए बहुत सही नहीं है) It is very necessary to try and establish a balance in our attitude for good life (अच्छी जिंदगी के लिए यह बहुत ही आवश्यक है कि जीवन का एक संतुलित रवैया हो) Even this is true for your lessons of maths so try to solve negatives with a positive attitude and I'm sure you will get success. (और यही गणित के सवालों को हल करने में भी सत्य है इसीलिए गणित की ऋणात्मक को भी तुम सकारात्मक रवैया के साथ समझो और मुझे पूरा यकीन है कि तुम अवश्य सफल होगे )

उसकी और सभी बच्चों की आंखें एक साथ नमिता पर गड़ी हुई थी

और नमिता इतना कह चुप हो गई और एक मुस्कान लिये खिड़की से बाहर देखने लगी। क्यों कि उसने जो कुछ भी बच्चों से कहा था वह बहुत आसानी से बच्चे समझ जाएं यह संभव नहीं था कई बार बहुत ज्यादा बोलने से मुद्दा रास्ता भटक जाता है और कई बार कम बोलने से भी बहुत गहरा असर हो जाता है । नमिता के अनुसार बच्चों को नमिता की कही बातों को मन ही मन दोहराते हुए विचार करना था और समझने की कोशिश करनी थी नमिता चाहती थी कि बच्चे समझने की कोशिश करें और उनके स्वभाव में अगर परिवर्तन सच में दिखता है तो नमिता इत्मीनान कर सके कि बच्चों पर उसकी इस सीख का असर हुआ है और जैसा नमिता सोच रही थी कि अगर उसकी बातों पर रोहन विचार करेगा तो वह जरूर प्रश्न करेगा और अगर रोहन प्रश्न करेगा तो इसका मतलब है कि नमिता सफल हुई बच्चों के अंदर अच्छी भावनाओं को स्थापित करने में। ऐसा हीं हुआ और रोहन ने प्रश्न किया

रोहन - Mean I'm not good?I ask so many questions.(इसका मतलब यह है कि मैं अच्छा नहीं हूं क्योंकि मैं बहुत प्रश्न करता हूं)

यह रोहन की आवाज थी। वह बातों को समझने की पूरी कोशिश कर रहा था

नमीता- No you are a good boy You are very intelligent that's why u ask too many questions. I always want to teach students like you who asks questions You are the best student of my class (नहीं ऐसा नहीं तुम एक बहुत ही अच्छे लड़के हो तुम बहुत ही होशियार हो इसीलिए तुम बहुत ज्यादा सवाल पूछते हो और मैं हमेशा ऐसे ही सवाल पूछने वाले बच्चों को पढ़ाना पसंद करती हूं तुम मेरी कक्षा के सबसे अच्छे छात्र हो)

थोड़ी देर रोहन नमिता को देखता रहा नमिता होले से मुस्कुरा रही थी नमिता की आंखों में रोहन ने अपने अच्छे होने का आत्मविश्वास महसूस किया और फिर उसने पूरे मन से सवाल को समझने की कोशिश शुरू की और नमित के मार्गदर्शन में

फिर रोहन से गलती नहीं हुई। इस तरह negative पर उस की positivity ने विजय पाई।

1 view0 comments

Recent Posts

See All

©2019 by Sahitya Kiran.