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काश कि कुछ इस तरह तुझे लिख दूँ इस जन्म में। काश कि कुछ इस तरह तुझे रच दूँ इस लगन में। कि ढ़लती उम्र के संग वो चिर यौवन होती जाये। कि उसका जादुई असर कुछ इस कदर से छाये। अपनी तस्वीर को पहचान ले तु हर बढ़ते कदम में। कि याद मेरी तेरे रूह में लौट आये हर जनम में। -- रश्मि किरण

Kash ki esa hota

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